ढिंग एक्सप्रेस हिमा दास का जीवन परिचय

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हम हिमा दास के बारे में चर्चा करेंगे | जो अभी फ़िलहाल में ही ढिंग एक्सप्रेस हिमा दास को 26 फरवरी 2021 को असम पुलिस में उप अधीक्षक (डीएसपी) बनाया गया।

अभी कुछ दिनों से देश की सबसे बड़ी खबर एथलीट हिमा दास को लेकर आ रही है, भारत की जाने वाली स्टार फर्राटा धाविका हिमा दास शुक्रवार को असम पुलिस में उप अधीक्षक (DSP). बनाया गया है|हिमा दास असम के गांव ढिंग की रहने वाली हैं, और इसीलिए उन्हें ‘ढिंग एक्सप्रेस’ “(Dhing Express)” के नाम से भी जाना जाता है।

दोस्तों चैंपियंस तो अलग ही होते है वे भीड़ से अलग सोचते है | और जब यह सोच रंग लती लाती है तो बनता है इतिहास वैसे ही हमारे देश में चैंपियन बनकर उभरी है हिमा दा| हिमा दास ने 19 दिन में 5 गोल्ड मैडल जीत कर अपने और देश के नाम करना एक सपना सा लगता है लेकिन इसको हकीकत में बदला है भारतीय एथलीट हिमा दास ने

ढिंग एक्सप्रेस हिमा दास का प्रारंभिक जीवन

एक साधारण से गरीब किसान के यहाँ पैदा हुई, छोटे से गाँव में रहकर असधारण सा कारनामा कर दिखाया है| यही वजह की भारत में हर जगह हिमा दास की ही चर्चा है | आइये जानते है, हिमा दास के प्रारंभिक जीवन के बारे में हिमा दास का जन्म 09 जानवरी 2000 असम के नगांव जिले के ढिंग गाँव में हुआ |

हिमा दास (HIMA DAS )अभी सिर्फ 21 वर्ष की है| हिमा दास का पूरा नाम हिमा रंजीत दास है| उनके पिता का नाम रंजीत दास और माता का नाम जोनाली दास है। हिमा एक साधारण किसान परिवार से हैं| उनके पिता चावल की खेती करते हैं | हिमा अपने भाई बहनो में सबसे छोटी है|

और देखा जाये हिमा दास की पढ़ाई की बात तो उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई गाँव के सरकारी स्कूल से की| स्कूल के पढ़ाई के दौरान उनको दौड़ नहीं फूटबाल का शोक था | और गाँव के लड़कों के साथ फुटबॉल खेलती थीं|और एक स्ट्राइकर के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थीं| लेकिन स्कूल के टीचर शमशुल हक की सलाह पर उन्होंने दौड़ना शुरू किया| और कोच ने उनको मुकाम हासिल करने में मदद की |

और इसी कड़ी में वर्ष 2017 में हिमा दास ने गुवाहाटी के एक कैंप में हिस्सा लेने आयी तभी उनकी पर नज़र पड़ी एक कोच निपुर दास की| उन्होंने देखा की सबसे सस्ते जुते पहनकर वह सबसे तेज़ी से दौड़ रही थी| तभी वह समझ गए की हिमा के अंदर वह काबिलियत है जो भारत का नाम रोशन कर सकती है उन्होंने भी इसके बाद हिमा के गाँव जाकर उनके माता पिता को हिमा को गुवाहाटी भेजने के लिए मनाया|

भारत के इतिहास में स्वर्ण परी बनीं ढिंग एक्सप्रेस हिमा दास

ढिंग एक्सप्रेस’ “(‘Dhing Express)” के नाम से जाने वाली 21 साल की हिमा ने 2018 में फ़िनलैंड में हुई| अंडर -20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप (IAAF World U20 Championships) की 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीता था | हिमा दास भारत की एकमात्र महिला स्प्रिंटर हैं। उन्होंने 51.46 सेकेंड में यह रेस पूरी की थी.|

Adidas ने बनाया ब्रांड अंबेसडर..

एक समय गरीबी से जूझ रही हिमा के पास पहले अच्छे जूते नहीं थे| उनकी ट्रेनिंग चल रही थी लेकिन ट्रेनिंग में पहनने के लिए अच्छे जूतों नहीं थे| ट्रेंनिग के दौरान हिमा के पिता गुवाहाटी जाकर 1200 के जूते खरीदकर लाये थे| हिमा को जरुरत थी |

लेकिन इतने महंगे जूते खरीदना उनके परिवार के लिए बेहद मुश्किल था|फिर स्टार बनने के बाद जूते की कंपनी ADDIDAS ने सितम्बर 2018 में एक चिट्ठी लिखकर हिमा दास को अपना ऐम्बेसडर बनाया था | उनका नाम addidas के जूतों पर छपता था| हिमा एक ब्रांड ऐम्बेसडर थी| हिमा अंतरराष्ट्रीय ट्रैक इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय हैं।

राष्ट्रपति द्वारा मिला पुरुस्कार

हिमा अंतरराष्ट्रीय ट्रैक इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय हैं।एले इंडिया, फेमिना, वोग जैसी मैगजीनों के कवर पर चमकने वाली पहली लड़की है| हिमा दास को 25 सितंबर 2018 को राष्ट्रपति द्वारा से अर्जुन अवार्ड सम्मानित किया गया था|

हिमा दास बनी डीएसपी

हिमा का सपना हुआ पूरा| हिमा दास को 26 फरवरी 2021 को असम पुलिस में उप अधीक्षक (डीएसपी) बनाया गया।असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने समारोह के दौरान उन्हें नियुक्ति पत्र दिया | इस मौके पर पुलिस महानिदेशक समेत पुलिस अधिकारी और प्रदेश सरकार के अधिकारी उपस्थित थे | हिमा ने अपना बचपन का सपना पूरा किया

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