आखिर क्यों आती है हिचकी ?‌

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हिचकी (Hiccup) क्या है? पेट व फेफड़े के बीच स्थित डायाफ्राम और पसलियों की मांसपेशी में संकुचन हिचकी आने की प्रमुख कारण है अर्थात् हिचकी डायाफ्राम के अनैच्छिक (इन्वॉलेंट्री कंट्रेक्शन) के सिकुड़न के कारण होती है। डायाफ्राम शरीर का वह भाग है जो पेट के भाग से छाती को अलग करता है और श्वास लेने-छोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हिचकी आने के कारण : डायाफ्राम के अनैच्छिक सिकुड़न से स्वरग्रंथि (वोकल कार्ड), जिसकी मदद से व्यक्ति विभिन्न प्रकार की आवाजें निकाल पाता है बहुत ही कम समय के लिए बंद हो जाती है जिसकी वजह है हिचकी की ध्वनि उत्पन्न होती है। इसके अलावा भी विभिन्न कारणों से हिचकी आती है जैसे –

हिचकी आने का एक कारण पेट से भी संबंधित है। खाना खाने या गैस के चलते पेट बहुत ज्यादा भरा हो तो उससे हिचकी आती है।

गर्म या तीखा खाना खाने, जल्दी-जल्दी खाने से भी हिचकी आती है।

अल्कोहल या एरेटेड ‌ड्रिंक्स का सेवन करना, स्मोकिंग करना, तनाव, घबराहट, अतिउत्साह आदि के चलते भी डायाफ्राम में संकुचन हो जाता है जिससे हिचकी आ सकती है।

हवा के तापमान में भी अचानक बदलाव आने से हिचकी का दौरा हो सकता है।.

उम्र बढ़ने के साथ हिचकी का आना कम जरूर होता है लेकिन बंद नहीं होता। जिस तरह लोगों के छींकने का तरीका अलग होता है उसी प्रकार सबको हिचकी भी अलग-अलग तरीके से आती है। एक मिनट में व्यक्ति को चार से 60 बार तक हिचकी आ सकती है।

कैसे पाएं हिचकी से राहत? वैसे तो हिचकी कुछ देर बाद अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन यदि ज़्यादा समय तक यह बनी रहे तो राहत के लिए कुछ घरेलू नुस्ख़े अपनाएं जा सकते है जैसे -.

ठंडा पानी पीना चाहिए।
दालचीनी मुंह में रखकर कुछ देर चूसने चाहिए।
गहरी सांस लेनी चाहिए।
लहसुन, प्याज़ या गाजर का रस सुंघना चाहिए।
काली मिर्च और शहद का सेवन करना चाहिए।
जीभ के नीचे शक्कर या चॉकलेट रखकर चूसना चाहिए।

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